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Friday, 29 April 2016

सजा था मंडप, होनी थी शादी, मां-बाप सहित दुल्‍हन को उठा ले गई पुलिस


कानपुर।  ग्वालटोली थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक नाबालिक लड़की की शादी होते होते रह गई। पुलिस ने लड़की के मां-बाप और रिश्तेदारों को पांच घंटे थाने पर बैठाए रखा। बाद में महिला पार्षद के गारंटी पर लड़की के उन्‍हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। एसओ शाहिद सिद्दकी के मुताबिक, अगर शादी हो जाती तो लड़की और लड़के दोनों के मां-बाप को बाल विवाह के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेजा जाता।

कानपुर परमट इलाके के रहने वाले संजू कश्यप पेशे से रिक्शा चालाक है। उसके दो लड़के और एक लड़की पायल कश्यप है। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार संजू के मुताबिक, उसकी लड़की 18 साल 9 महीने की हो चुकी है। वो अब बालिग हो चुकी है।  हांलांकि, पुलिस के सामने जो सर्टिफिकेट रखा, उसके हिसाब से पायल अभी 13 साल 9 महीने की है।  सर्टिफिकेट के हिसाब से पायल का जन्मतिथि 4 जुलाई 2002 है।  मगर इसके पिता के मुताबिक़ इसका जन्म साल 1998 में हुआ था। इस हिसाब से इसकी उम्र अठ्ठारह साल पुरे हो चुके है।

लड़की की मां अंजना कश्यप के मुताबिक, वह अपनी बेटी की शादी इसलिए कर रहे थे कि उनकी तबियत हमेशा खराब रहती है।  ऐसे में अगर मां-बाप को कुछ हो गया तो कौन लड़की का जिम्मेदारी लगा।  बेटी बालिग हो चुकी है। सर्टिफिकेट बनाते समय गलती से जन्मतिथि का दिन गलत लिख गया था।  हम लोग अनपढ़ है और पढ़ना लिखना नहीं जानते।  उधर, खुद लड़की का कहना था कि इस शादी में उसकी भी मर्जी शामिल थी। वो किसी के दबाव में आकर शादी नहीं कर रही थी।

पिता संजू ने बताया कि कानपुर रेलबाजार लखनऊ फाटक के पास मौजूद जोखी राम गेस्ट हाउस में शादी की तैयारी चल रही थी।  शुक्रवार की शाम को गोविंद नगर इलाके में रहने वाले 25 साल के संदीप की बरात इसी धर्मशाला में आनी थी।  बाराती और घराती मिलाकर करीब 200 लोगों के लिए खाना बनाया जा रहा था। अब पुलिस ने वहां दो महिला पुलिस बैठा दिया है।

एसओ शाहिद सिद्दकी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह परमट इलाके से कुछ लोगों ने थाने आकर उनको एक लेटर दिया था।  इसमें एक नाबालिक लड़की की शादी होने का जिक्र था।  लेटर में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का हवाला देते हुए इस शादी को रोकने की अपील की गई थी।

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