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Friday, 8 April 2016

न दाना है न पानी,मुख्यमंत्री जी - आवास के लिए कब होगी मेहरबानी





 मुख्यमंत्री की लोहिया आवास योजना का पात्रों को नही मिल रहा लाभ दर - दर भटक रही गरीब, शायद यही हैं इसके नसीब

फतेहपुर जनपद के देवमई ब्लाक के ग्राम रसूलपुर मजरे पधारा निवासिनी पार्वती पत्नी जितेंद्र कोरी एक अत्यंत निर्धन परिवार से ताल्लुक रखती है उसका पति अक्सर बीमार रहता है व स्वयं पार्वती किसी तरह से अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करती है परिवार में चार बेटियां व एक बेटा है। इनके न तो एक भी बिस्वा खेती है और न ही कोई आवास।यह परिवार किसी तरह से झोपड़ी बनाकर अपना जीवन यापन कर रहा है। इन बेचारों को तो ये भी पता नही है कि सरकार के द्वारा गरीबो को आवास भी दिया जाता है।
जब कही से इस गरीब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो लगभग डेढ़ वर्ष से यह परिवार चौखट के चक्कर लगा चुका है लेकिन चूँकि हमारे देश का दुर्भाग्य है कि जब तक आपके पास चढ़ावा नही है तब तक आप पात्र भी नही हैं और आपका प्रार्थना पत्र एक टेबल से दूसरी टेबल पर घूमता ही रहता है।अधिकारियों की सारी लाचारी और नियम उसी प्रार्थना पत्र पर आकर टिक जाते हैं जो उन्हें चढ़ावा देने लायक नही है तभी तो मुख्य विकास अधिकारी को आवासीय प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद खंड विकास अधिकारी द्वारा जांच करके उसे इसका पात्र माने जाने के बाद भी उसे आज तक इस योजना का लाभ नही मिल पाया है।अब इस स्थिति में इस परिवार को ये महसूस होने लगा है कि गरीबी हमारा नसीब ही है और उसे कोई सरकार नही बदल सकती।
   फिर भी देखने की बात होगी कि यू पी की सत्ता में काबिज समाजवादी पार्टी की सरकार ऐसे गरीबो का बोझ हल्का कर पाएगी या हर गरीब को आवास दिए जाने की बात हवा ही साबित होगी।

   

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