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Sunday, 17 April 2016

इन चहरों ने भारी संघर्ष करके किया मुक़ाम हासिल दुनिया करती है इनके हुनर को सलाम

नई दिल्ली: नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिनके पास कभी पैसों की कमी नहीं खली लेकिन टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनका बचपन गरीबी के दौर से गुजरा है। गरीबी के दौर से गुजरने के बाद अब भारतीय खिलाड़ी एक स्टार के रुप में उभर आए हैं। आइए नजर डालते हैंऐसे ही कुछ भारतीय खिलाडिय़ों पर...पठान बंधु इरफान व यूसुफ:ऑलराउंडर इरफान पठान व यूसुफ पठान भी गरीबी में पले। इन दोनों भाइयों के पिता बड़ौदा की मस्जिद की देखरेख किया करते थे। वे मस्जिद के छोटे से कमरे में अपने परिवार के पांच लोगों के साथ ही रहते थे।
इरफान और युसुफ दोनों ही भाइयों को क्रिकेट का शौक बचपन से ही था और बड़ौदा की तरफ से खेलना शुरू कर दोनों भाइयों ने टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया।रवींद्र जडेजा:भारत के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा आज भले ही करोड़ों रुपए कमाते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा था जब उन्होंने गरीबी में भी दिन गुजारे। उनके पिता अनिरूद्ध सिंह एक प्रायवेट सिक्योरिटी कंपनी में वॉचमैन थे। उनकी मां का जल्दी देहांत हो गया था और उनका बचपन मुश्किलोंमें गुजरा था।उमेश यादव:क्रिकेटर उमेश यादव के पिता एक कोल माइन में काम करते थे और बड़ी मुश्किल से अपने घर का गुजारा कर पाते थे। उमेश ने करीब 19 वर्ष की उम्र में पहली बार लेदर बॉल से क्रिकेट खेली। इतनी ज्यादा उम्र में वास्तविक क्रिकेट की शुरुआत करने के बावजूद अपनी प्रतिभा के बल उन्होंने दो साल में ही टीम इंडिया में जगह बनाई और अब टीम इंडिया और आईपीएल की वजह से वे बेशुमार दौलत के मालिक हैं।भुवनेश्वर कुमार:क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार मेरठ के एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे, उनके पिता ने उन्हें बहुत मुश्किलों से पाला। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन भुवी ने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून के चलते अपना मुकाम हासिल किया।मुनफ पटेल:पूर्व तेज गेंदबाज मुनफ पटेल का परिवार काफी गरीब था। मुनफ को बचपन में कई बार भूखा सोना पड़ता था। उनके पिता कपास के खेतों में मजदूरी करते थे। मुनफ ने खेतों में खेलते-खेलते अपनी गेंदबाजी को तराशा और टीम इंडिया में जगह बनाई।विनोद कांबली:पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली का बचपन भी बेहद गरीबी में गुजरा। एक वक्त था जब वोमुंबई के एक चॉल में रहते थे। सचिन तेंडुलकर के साथ स्कूली क्रिकेट में रिकॉर्ड साझेदारी कर वे सुर्खियों में आए। इसके बाद सचिन और फिर कांबली ने टीम इंडिया में जगह बनाई। कांबली इन दिनों टेलीविजन पर क्रिकेट एक्सपर्ट के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।मोहम्मद शमी:मो. शमी के पिता खेतों में काम करते थे, उनका बचपन गरीबी में बीता था। शमी ने गरीबी को कभी भी अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया और क्रिकेट के प्रति अपने जोश और जुनून के चलते टीम इंडिया में जगह बनाई।

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