Latest News

Sunday, 8 May 2016

पत्नी को पानी भरने से रोका तो दलित ने 40 दिन मे खोद डाला कुआँ


महाराष्ट्र के वाशिम जिले के कलांबेश्वर गांव में रहने वाले दलित युवक बापुराव ताजणे ने अकेले 40 दिनों के भीतर कुआं खोद डाला जिससे पानी भी निकलने लगा। ताजणे ने यह कारनामा एक सवर्ण जाति के परिवार द्वारा पत्नी को पानी भरने से इनकार करने और अपमान करने के बाद किया। ताजणे पेशे से मजदूर हैं अतः उन्हें दिन की 8 घंटे की मजदूरी के बाद रोज तकरीबन 6 घंटे अतिरिक्त मेहनत करनी होती थी। जब वह अपने इस मिशन में जुटे थे तो परिजनों, पड़ोसियों और गांव वालों ने उनका मजाक बनाया लेकिन वह अपने काम में लगे रहे। लोगों को इस बात की कत्तई उम्मीद नहीं थी कि इतने सूखे और पथरीले इलाके से पानी निकल आएगा।

ताजणे ने जो कुआं खोदा उसका इस्तेमाल आज सभी दलित कर रहे हैं। ताजणे 8 घंटे मजदूरी करने के बाद करीब 6 घंटे रोज कुआं खोदने में लगाते थे। ताजणे द्वारा कुआं खोदने पर उनके पड़ोसी और परिजन मजाक उड़ाते थे। लोगों का मानना था कि ऐसे पथरीले इलाके में पानी कहां मिलेगा वो भी तब जबकि क्षेत्र के आसपास के तीन कुएं और बोरवेल सूख चुके थे।

No comments:

Post a Comment

Tags

Recent Post