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Wednesday, 11 May 2016

RTI मे खुली विधुत विभाग के घोटाले की पोल


राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान  ने अधिशासी अभियन्ता विद्युत नगरीय वितरण खण्ड द्वितीय, मुरादाबाद को दिये थे, आदेशः-
       
आरटीआई से हुआ खुलासा,
विद्युत चोरी की चेकिंग में राजस्व निर्धारित रू0 17,14,378
वसूली गयी धनराशि रू0 1,25,000 हुए, सरकारी कोष में जमा
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मुरादाबाद निवासी श्री अनिल कुमार गर्ग ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत अधिशासी अभियन्ता विद्युत नगरीय वितरण खण्ड द्वितीय, मुरादाबाद से निम्न सूचनाएं मांगी थी कि दिनांक 01.01.2014 से 31.10.2014 तक प्रस्तावित राजस्व निर्धारण की सूचना जिन विद्युत उपभोक्ताओं के प्रत्यावेदन के आधार पर संशोधित कियेे है, उनकी पूर्ण सूची नाम व पते सहित, डिमान्ड धनराशि एवं इससे पूर्व की डिमान्ड धनराशि अलग-अलग दर्शाते हुए, उसकी पूर्ण जानकारी तथा प्रस्तावित राजस्व निर्धारण का कार्य करने वाले कर्मचारी का नाम तथा किस तारीख से कार्य कर रहे है, की सूचना उपलब्ध कराये। परन्तु विभाग द्वारा वादी को निम्नलिखित बिन्दुओं की सूचना नहीं दी गयी, निराश होकर वादी ने राज्य सूचना आयोग में आरटीआई एक्ट के तहत अपील दाखिल कर जानकारी प्राप्त करनी चाही है।
राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने जनसूचना अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग खण्ड द्वितीय, मुरादाबाद को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20 (1) के तहत नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादी के प्रार्थना-पत्र में उठाये गये बिन्दुओं की सूचना 30 दिन के अन्दर अनिवार्य रूप से मा0 आयोग के समक्ष पेश करें, अन्यथा जनसूचना अधिकारी स्पष्टीकरण देंगे कि वादी को क्यों सूचना नहीं दी गयी है, क्यों न उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।
सुनवाई के दौरान श्री सी0पी0 सिंह अधिशासी अभियन्ता, विद्युत विभाग मुरादाबाद उपस्थित हुए। उन्होंने मा0 आयोग के समक्ष लिखित तौर पर बताया है कि दिनांक 01.01.2014 से 31.10.2014 तक विद्युत विभाग, मुरादाबाद के अन्तर्गत विद्युत चोरी की चेकिंग में रू0 17,14,378 का राजस्व निर्धारित किया गया, तथा इस धनराशि में लगभग रू0 1,25,000 की वसूली कर सरकारी कोष में जमा करा दी गयी है,

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