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Monday, 4 July 2016

पुलिस चौकी की सफ़ाई करता है मासूम,कब रुकेगा बच्चों का शोषण

 वाराणसी। कहने को तो सरकारे बच्चो व नवयुवको के पढाई लिखाई के लिए तमाम योजनाये चला रही है। प्रति वर्ष ग्रीष्मावकाश ख़त्म होने के बाद नए सत्र में विद्यालय खुलने के पश्चात स्कूल चलो अभियान चला कर छोटे व् निचले तबके के लोगो के बच्चो को विद्यालय में पढाई लिखाई करने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जाता है, परन्तु ये सब सिर्फ एक ढकोसला और योजना बनकर ही रह जाती है।                                   वही श्रम विभाग की ओर से बाल मजदूरी को रोकने का भी काफी प्रयास किया जाता है परन्तु ये रुके तो रुके कैसे जहा इस अपराध को रोकने में अहम भूमिका निभाने वाले ही छोटे बच्चो से बाल मजदूरी कराते हो।    
           
आज किसी भी जगह चले जाइये आपको दुकानों से लेकर अनेको स्थानों पर छोटे छोटे बच्चे कप, प्लेट धोते, झाड़ू, पोछा मारते नजर आ जायेंगे। श्रम विभाग भी अपने अभियान को हवा तभी देती है, जब उसे इसकी जरूरत समझ आती हो या अधिकारियो के निर्देशों पर।                                        

आज ऐसा ही एक नजारा लंका थाना अन्तर्गत आने वाले संकट मोचन पुलिस चोकी पर देखने को मिला जहाँ एक बालक हाथ में झाड़ू लिए पुलिस चोकी की सफाई में मशगुल था। जिसे देखकर बरबस ही आत्मा से आवाज आइ वाह रे कानून के रखवाले। अपराध रोकने वाला विभाग ही कर रहा अपराध, अब इन्हें कौन देगा सजा, जो खुद ही सजा का निर्धारण करते हो।  इस बालक को देखकर ऐसा लगा जैसे इसके लिए नही है सर्व शिक्षा अभियान या सब पढ़े, सब बढे।                          

  आखिर कहा जा रहा है हमारे देश का भविष्य। हमारे देश की यही विडम्बना है कि यहा सारी योजनाये व कानून सिर्फ कागजो पर ही चलती है।           डीएम साहब कौन हटाएगा इस अन्याय व अपराध रूपी अतिक्रमण को.......

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