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Saturday, 10 September 2016

बेटी का शव ले जाने के लिए पिता को मांगनी पड़ी भीख



लखीमपुर खीरी-    उड़ीसा के दाना माझी की तरह मितौली के रमेश को अपनी बेटी का शव कंधे पर तो नहीं ढोना पड़ा लेकिन भीख मांगने के लिए चादर जरूर फैलानी पड़ी। बेटी का शव पर विलाप कर रहे रमेश ने पास में ही अपनी चादर फैला दी और लोग उस पर रुपये-पैसे डालने लगे। डबडबाई आंखों से वह राहगीरों की तरफ देखता पर बोलता कुछ नहीं।
लोग बेटी के शव के साथ पिता का करुण रुदन देखकर ठहरते। चादर पर कुछ रुपये-पैसे डालते और आगे बढ़ जाते। कुछ का दिल पिघला को उन्होंने मदद को हाथ बढ़ाया। किसी ने गरीबी के इस सितम की तस्वीर खींच ली और सोशल मीडिया पर डाल दी। बेटी की लाश के सामने राहगीरों से भीख मांगते पिता की फोटो सामने आते ही शुक्रवार को प्रशासन में हड़कंप मच गया।

प्रभारी डीएम अमित सिंह बंसल ने आनन-फानन में मामले की जांच कराई, तो फोटो में दिखी कहानी सही निकली। मितौली क्षेत्र के गांव सुआताली के रमेश कुमार की 14 साल की बेटी अंजली एक सप्ताह से तेज बुखार से तप रही थी। पहले गांव में ही झोलाछाप को दिखाया पर कोई फायदा नहीं हुआ तो वह ठिलिया पर लेटाकर अंजली को गुरुवार सुबह 8.45 बजे सीएचसी ले गया।

अंधी पत्नी, दो छोटी बेटियों और अंजली की बीमारी से जैसे-तैसे जूझता वह उसे इलाज के लिए अस्पताल तो ले आया मगर यहां डॉ. अक्षयवर नाथ चौहान ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद 9.35 बजे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

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