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Thursday, 1 September 2016

केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यक्रम के दौरान की अपने दलित सांसद की मंच पर बेइज्जती


भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने रॉबर्ट्सगंज (सुरक्षित) सीट के सांसद छोटेलाल खरवार की मंच पर ही बेइज्जती करवा दी। 31 अगस्त को सोनभद्र में भाजपा के कार्यक्रम में केशव प्रसाद मौर्य और संगठन मंत्री सुनील बंसल और कई नेताओं के सामने छोटेलाल खरवार को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई। बेचारे खरवार हाथ बाँधे काफी देर तक ताबेदार की तरह खड़े रहे। किसी ने उन्हें बैठने के लिए नहीं पूछा, जबकि छोटे-छोटे कार्यकर्ता भी केशव प्रसाद मौर्य और सुनील बंसल के सामने कुर्सी पर बैठे थे।

(तस्वीर में दिख रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य और सुनील बंसल के पीछे सिकुड़े-सहमे से सांसद छोटे लाल खरवार खड़े हैं)

केशव प्रसाद मौर्य के पहली बार सोनभद्र आगमन पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत तो ज़ोरदार किया लेकिन रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार का अच्छा खासा अपमान हो गया। श्री खरवार के समर्थक भी बेहद उपेक्षित और नाराज दिख रहे हैं। भाजपा और आरएसएस तो वैसे भी ब्राह्मण और बनिया की पार्टी कही जाती है, लेकिन अब वोटों की खातिर वो पिछड़ों और दलितों को लुभाने के लिए कोशिश कर रही है। सोनभद्र और रॉबर्ट्सगंज में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की बड़ी संख्या है जो 2014 के लोकसभा चुनावों में तो मोदी लहर में बह गए थे, लेकिन अब उनका रुझान भाजपा से अलग हो रहा है।

यही कारण है कि भाजपा भी इलाके में दलितों के वोट लुभाने  के लिए ज्यादा कोशिश नहीं कर रही है। इसी कारण से केशव प्रसाद मौर्य ने भी रॉबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल खरवार को महत्व देना ज़रूरी नहीं समझा। छोटेलाल खरवार की बेइज्जती के पीछे पार्टी की गुटबाजी भी कारण बताई जा रही है। खरवार के विरोधी लोग इलाके की राजनीति में उन्हें  किनारे कर देना चाहते हैं।

पार्टी के अंदर छोटेलाल खरवार की बेइज्जती को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता सुबेंद्र सिंह चंदेल ने इसे अनुसूचित जाति के मतदाताओँ का अपमान बताया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा के बड़े नेता अहंकार में डूबे हैं और अब उन्हें दलित कार्यकर्ताओं की ही नहीं, दलित सांसद तक के सम्मान की परवाह नहीं है।

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