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Sunday, 13 November 2016

सर पे बेटी की शादी,रोते हुऐ बूढ़ी माँ ने किया सवाल अब कैसे सजेगी बेटी के हाथों पर मेहँदी



इन दिनों नोटबंदी के बवाल में चारों तरफ रोने और अपनी अपनी आपबीती सुनाने की आवाज़े आ रही हैं। कहीं मां अपने परिवार के लिए परेशान है तो कहीं पिता अपने खाने- कमाने की चिंता में। इन सब शोरगुल में मोदी सरकार चुप्पी साधे बैठी हैं या कह लीजिए आमजन का आखिरी सब्र कब टूटेगा उसके इंतजार में है।

देशभर में बैंकों,अस्पतालों से लेकर तमाम प्रतिदिन की जरूरतों वाली जगहों पर लंबी लंबी कतारों में से चीखने चिल्लाने की आवाज़े आ रही हैं। आज सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही दर्दनाक आवाज एक बूढ़ी मां की सुनाई दी। एक मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी तकलीफ उसकी वह चार बेटियां नहीं बल्कि बैंकों में लगी लंबी-लंबी कतारें है।

जितना दर्द इस मां ने अपनी चार बेटियों को बिना पिता के पाल के न उठाया होगा। उससे ज्यादा दर्द आज उठाते डर रही है। यह मां बैचेन है अपनी बेटी की शादी को लेकर जो दिसंबर महीने में होने वाली है। और फिलहाल भयभीत है बैंकों के सामने लगी लंबी-लंबी कतारों से। यह चार बेटियों की बूढ़ी मां रोते- रोते बोल रही है कि, अब कैसे होगा सबकुछ ? कब पैसे जमा करूंगी फिर कब उसे निकालूंगी। इन लंबी लाइनों में लगने की तो मेरी हिम्मत भी नहीं है। कैसे होगी मेरी बेटी की शादी ?

इस बूढ़ी मां को अपने बूढ़े होने का एहसास भी है इसलिए बार-बार बोल रही है मेरे मरने के बाद मेरी बेटियों का कोई नहीं है। फिर कौन करेगा उनकी शादियां ! कैसे होंगी उनकी शादियां ! मेरे अलावा उनका कोई नहीं है इस दुनिया में ! कानों में जाते ही इस आवाज़ ने पूरे आवाम के रोंगटे खड़े कर दिए। पूरी सोशल मीडिया इस बूढ़ी मां के दर्द में शामिल हो गई। उसके दर्द को शेयर करने की होड़ मच गई।

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