Latest News

Wednesday, 2 November 2016

मेरी बेटियां करें अंतिम संस्कार, मरने से पहले वृद्धा ने स्पाम्प पर लिखी थी आखिरी इच्छा


 अम्बेडकरनगर। वृद्धा ने मरने से पहले ये वसीयत कर दी थी कि मृत्युपरांत उसकी चिता को मुखाग्नि बेटियां ही दें। संघतिया शहजादपुर निवासिनी सुरसती पत्नी फेंरुराम ने मरने से पहले स्टाम्प पर यह लिखकर अंतिम इच्छा जताई थी कि मरणोपरान्त उसका अंतिम संस्कार उसके पुत्रों से ना कराकर उसकी पुत्रियों से कराया जाए, जबकि वृद्धा के दो पुत्र मिठाई लाल एवं जगन्नाथ हैं।

वृद्धा के अनुसार उसके दोनों पुत्र नालायक हैं और वो उनसे काफी दुखी रहती थी। वृद्धा ने ये भी इच्छा जताई थी कि अगर पुत्रियां उसका अंतिम संस्कार न कर सकें तो प्रशासन द्वारा उसका दाह -संस्कार हो।

चूँकि अब वृद्धा सुरसती की मृत्यु आज दिनांक 02 नवम्बर को हो चुकी है और पुलिस द्वारा रिपोर्ट तैयार कर शव को पंचनामा हेतु भेज दिया गया है,बड़ा सवाल यह रहेगा कि शव का अंतिम -संस्कार कौन करेगा ?

No comments:

Post a Comment

Tags

Recent Post