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Monday, 12 December 2016

गीता प्रतियोगिता में अव्वल आने वाली मरियम सिद्दीकी सम्मानित

नई दिल्ली। वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित प्रोग्राम में गीता प्रतियोगिता में अव्वल आने वाली ‘‘मरियम आसिफ सिद्दीकी’’ को हिन्दू-मुस्लिम एकता व इंसानियत के लिए एक नया लैसन लिखने के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें केन्द्रीय मंत्री रामदास अठवाले ने दिया। 

कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में मरियम ने पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की जमकर तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि आज हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो कहने में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखते हैं। 

मरियम ने बताया कि उनकी इस पहल में उनके वालिद आसिफ सिद्दीकी व वालदा फरहाना आसिफ सिद्दीकी का प्रोत्साहन का अहम किरदार है। उन्होंने ही उसे हिन्दू-मुस्लिम एकता की तालीम दी है। 

उन्होंने शायरी के साथ अपनी बात खत्म की, उन्होंने कहा-
ये पेड़, ये पत्ते, ये शाखें भी परेशान हो जाएं,
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुसलमान हो जाएं।।
सूखे मेवे भी ये देख कर परेशान हो गए,
न जाने कब नारियल हिन्दू और खजूर मुसलमान हो गए।।
न मस्जिद को जाने हैं न शिवालयों को जानते हैं,
जो भूखे पेट होते हैं वो सिर्फ दो निवाले जानते हैं।।

सम्मानित होने पर लगा बधाई देने वालों का तांता
मरियम को सम्मनित किए जाने पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। सबसे पहले उनके वालिद आसिफ सिद्दीकी ने उन्हें मुबारकबाद देते हुए बेहतर फ्यूचर की कामना की। जय भारत मंच (आरएसएस) के लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुहम्मद राशिद नसीम, उर्दू जर्नलिस्ट अज़हर उमरी, यूपीयूकेलाइव व टाइम्स ऑफ़ मुस्लिम के इंचार्ज मुहम्मद फैज़ान, जय भारत मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रियाजुद्दीन नारू, जय भारत मंच की वीमेन सेल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद आसिफा अली, जय भारत मंच लीगल सेल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष यासिर चौधरी ने उन्हें बधाई देते हुए दुआओं से नवाज़ा व उनके द्वारा की गयी पहल की सराहना की।

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