Latest News

Saturday, 25 March 2017

मुरादाबाद-सरकारी मदद के इंतज़ार मे तरस रहे एक ही परिवार के आठ दृष्टिहीन लोग

मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा -डिलारी ब्लॉक के ग्राम तुमड़िया कला निवासी एक ही परिवार के आठ दृष्टिहीन लोग सरकारी मदद के लिए तरस रहें है।लेकिन अब तक हो रही अनदेखी और ग्राम प्रधान की धाँधली के चलते किसी भी प्रकार की सरकारी मदद से वंचित है।हाँ इतना ज़रूर है कि आठ मे से चार लोगो को विकलांग पेंशन के नाम पर प्रतिमाह 300 रूपये का मरहम ज़रूर लगाया जाता है वो भी लगातार नही मिल पाता।

डिलारी ब्लॉक के ग्राम तुमड़िया कला मे व्रद्ध अब्दुल रशीद का परिवार रहता है परिवार की कहानी ऐसी है कि सुनकर पत्थर भी पिघल जाऐ लेकिन सरकारी योजनाओं मे बंदरबाँट करने वालो ने इन्हें भी नही बख़्शा।अब्दुल रशीद के परिवार मे उनके पुत्र रईस 40,ज़हीर 38,सग़ीर 24 व पुत्री नसरीन 30,खेरूल 26,महसर 24,कौसर 22 आठों बहन भाई देख नही सकते बूढ़े माँ बाप को हर समय बस यही फ़िक्र सताती है कि उनके बाद उनके बच्चों का क्या होगा।अब्दुल रशीद की पत्नी जाफरी बेग़म ने बताया कि साहब लड़कियों की शादी तो कर दी लेकिन उनके ससुराल वाले उन्हें लगातार प्रताड़ित करते है जबकि तीनों बेटों की आँखों से रौशनी जाने के बाद कोई काम नही कर सकते हर समय बस बच्चों के जीवन यापन की चिंता सताती रहती है।और उसपर भी सरकार से अब तक कोई सहारा नही मिला।

👉जाफ़री बेगम ने बताया कि ग्राम पंचायत मे सरकार की योजनाए आती हैं लेकिन ग्राम प्रधान अनीसा व उसका पुत्र अफ़ज़ाल धाँधली कर अमीर लोगों से पैसे लेकर उन्हें योजना का लाभ दिलबा देता है जबकि उनका घर जर्जर हालत मे है लेकिन आवासीय कालोनियों का लाभ भी ऐसे लोगो को दिलाया गया है जो पूरी तरह सम्पूर्ण है।लेकिन हमे आज तक किसी भी तरह की सरकार से कोई मदद नही मिली है।हाँ इतना ज़रूर है कि चार बच्चों को प्रतिमाह 300 रूपये की रक़म ज़रूर मिलती है लेकिन महगाई के इस दौर मे तीन सौ रूपये की रक़म से गुज़र बसर करें या दवाई।

👉अब्दुल रशीद के बड़े बेटे रईस ने बड़े ही उदास मन से जब बोलना शुरू किया तो चौकाने वाला खुलासा करते हुऐ बताया कि ढाई साल सत्ता का विधायक होने के बाद भी राज्य सरकार से नही मिली किसी प्रकार की कोई मदद क्योंकि दलालों की जेब भरने के लिए हमारे पास पैसे नही थे बल्कि यहाँ तक कि 300 रूपये की पेंशन बनबाने के लिए भी एक दलाल को 500 रूपये की रिश्वत देकर उसकी जेब गर्म की।वहीँ परिवार के मुखिया अब्दुल रशीद ने बताया की 6 बीघा कृषि भूमि है और उस भूमि की फ़सल भी ढेला नदी से मुश्किल से बच पाती है घर के बाहर लोगो से क़र्ज़ लेकर तीन दुकाने बनाई है उन्ही के किराए से बच्चों का पालन पोषण होता है अगर सरकारी मदद के इंतज़ार मे बैठे रहें तो भूखे मर जाएंगे।

👉वहीँ देश मे प्रधानमन्त्री मोदी और प्रदेश मे नव निर्वाचित मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से खुश होकर पीड़ित परिवार के अंदर एक उम्मीद जगी है कि भाजपा के राज मे भृष्टाचार पर लगाम लग रही है हो सकता है उन्हें अब कोई मदद मिल जाऐ।मीडिया के माध्यम से पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई।

👉ग्राम प्रधान अनीसा बेग़म का कार्यभार सभाल रहे उनके पुत्र अफज़ाल ने गरीब परिवार की अनदेखी किये जाने के बारे मे बताया कि योजनाओं के सम्बन्ध मे जिले की टीम जाँच करती है अगर परिवार को किसी योजना का लाभ नही मिला तो इसके लिए वह जिम्मेदार नही है।

👉किस तरह गई एक के बाद एक सदस्य की आँखों की रौशनी

दृष्टिहीन आठों बच्चों की व्रद्ध माँ जाफ़री बेग़म ने बताया की किसी बच्चे की 15 वर्ष की उम्र मे तो किसी की 10 वर्ष तो किसी की बारह वर्ष की उम्र मे आँखों की रौशनी खुद व खुद जाती रही इलाज़ के पैसे नही और सरकार से मदद नही।यदि अभी भी बेहतर चिकित्सकों की टीम गठित कर अधिकारी इस परिवार के उपचार की और ध्यान दे तो यहीं थम सकती है ये बीमारी नही तो एक के बाद एक सदस्य इस बीमारी की गिरफ़्त मे आता जा रहा है।और परिवार धीरे-धीरे बेसहारा हो रहा है।

फोटो-घर मे बैठे एक ही परिवार के आठ दृष्टिहीन सदस्य

No comments:

Post a Comment

Tags

Recent Post